होम
🧠 मन और आत्मा
“विश्राम दर्शनशास्त्र की जननी है।”
अपने लिए समय निकालें। सबसे अच्छे विचार अक्सर तब आते हैं जब मन विश्राम करता है।
“मनुष्य का जीवन एकाकी, गरीब, बुरा, क्रूर और छोटा है।”
— थॉमस हॉब्स
“ईश्वर मर चुका है। ईश्वर मृत ही रहता है। और हमने उसे मार दिया है।”
— फ्रेडरिक नीत्शे
“दर्शन भाषा द्वारा हमारी बुद्धिमत्ता के मोह के खिलाफ एक लड़ाई है।”
— लुडविग विट्गेंस्टाइन