होम
🧠 मन और आत्मा
“मनुष्य का जीवन एकाकी, गरीब, बुरा, क्रूर और छोटा है।”
जीवन कठिन हो सकता है, लेकिन यह छोटा भी है। इसका अधिकतम लाभ उठाएं और चीजों को हल्के में न लें।
“ज्ञान जीवन का प्रकाश है।”
— थॉमस हॉब्स
“विश्राम दर्शनशास्त्र की जननी है।”
“प्राकृतिक अवस्था में मनुष्य का जीवन अकेला, गरीब, गंदा, क्रूर और छोटा होता है।”
“मनुष्य का जीवन अकेला, गरीब, गंदा, क्रूर और छोटा होता है।”
“विनोद दर्शन की जननी है।”