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🧠 मन और आत्मा
“वास्तविकता की दुनिया की सीमाएँ होती हैं; कल्पना की दुनिया असीमित है।”
कल्पना हमारी असीम शक्ति है। आइए इसका उपयोग अपनी वास्तविकता को आकार देने और एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए करें।
“मनुष्य स्वतंत्र पैदा हुआ है, और हर जगह वह जंजीरों में है।”
— जीन-जैक्स रूसो
“मनुष्य स्वतंत्र पैदा होता है, लेकिन हर जगह वह जंजीरों में जकड़ा होता है।”
“होना मतलब है कि उसे महसूस किया जाए।”
— जॉर्ज बर्कले
“मनुष्य का जीवन एकाकी, गरीब, बुरा, क्रूर और छोटा है।”
— थॉमस हॉब्स
“वास्तविकता केवल एक भ्रम है, हालांकि यह एक बहुत ही दृढ़ भ्रम है।”
— अल्बर्ट आइंस्टीन
“हम जो सोचते हैं, वही बन जाते हैं।”
— बुद्ध
“खुशी तर्क का आदर्श नहीं है, बल्कि कल्पना का है।”
— इमैनुएल कांट
“कल्पना की शक्ति हमें अनंत बनाती है।”
— जॉन मुइर
“कल्पना ज्ञान से अधिक महत्वपूर्ण है।”