🏛️ जीवन और दर्शन
“अतीत में न रहें, भविष्य का सपना न देखें, वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करें।”
वर्तमान में जिएं। सचेतनता को अपनाएं।
“अतीत में न रहें, भविष्य का सपना न देखें, वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करें।”
वर्तमान में जिएं। सचेतनता को अपनाएं।