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🧠 मन और आत्मा
“मन सब कुछ है। जो आप सोचते हैं, आप बन जाते हैं।”
आपके विचार आपकी वास्तविकता को आकार देते हैं। सकारात्मक सोचें, सकारात्मक बनें।
“मन सब कुछ है। आप जैसा सोचते हैं वैसा ही बन जाते हैं।”
— बुद्ध
“शांति भीतर से आती है। इसे बाहर मत खोजो।”
“अतीत में मत रहो, भविष्य का सपना मत देखो, मन को वर्तमान क्षण पर केंद्रित करो।”
“जीवन में असली असफलता यह है कि जो हम जानते हैं उसमें सच्चे नहीं होना।”
“हम जो कुछ भी हैं, वह हमारे विचारों का परिणाम है।”
“हम जो सोचते हैं, वही बन जाते हैं।”
“मन अपनी जगह है, और अपने भीतर ही नर्क को स्वर्ग और स्वर्ग को नर्क बना सकता है।”
— जॉन मिल्टन
“तुम्हारे मन पर तुम्हारा अधिकार है - बाहरी घटनाएँ नहीं। इसे समझो, और तुम ताकत पाओगे।”
— Marcus Aurelius
“मन को केवल अनुभव के माध्यम से विचार मिलते हैं।”
— John Locke
“मन को भरने के लिए एक पात्र नहीं है बल्कि प्रज्वलित करने के लिए एक अग्नि है।”
— प्लूटार्क
“मन अपनी जगह है, और अपने आप में यह नरक को स्वर्ग और स्वर्ग को नरक बना सकता है।”
“खुशी एक मानसिक स्थिति है।”
— अरस्तू
“जो कुछ भी मन सोच सकता है और विश्वास कर सकता है, उसे प्राप्त कर सकता है।”
— नेपोलियन हिल