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🌠 कार्य और सपना
“जितना ज़्यादा मैं कुछ करना चाहता हूँ, उतना ही कम मैं इसे काम कहता हूँ।”
जब जुनून काम से मिलता है, तो वह काम नहीं रहता। अपना जुनून खोजो, अपनी खुशी खोजो।