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🌠 कार्य और सपना
“दिनों को मत गिनो, दिनों को सार्थक बनाओ।”
हर दिन बदलाव लाने का अवसर है। इसे सार्थक बनाओ।
“दिनों की गिनती मत करो, दिन को गिनाओ।”
— मुहम्मद अली
“मैं सबसे महान हूँ, मैंने यह तब भी कहा जब मुझे खुद नहीं पता था।”
“दिनों को मत गिनो, दिनों को गिनती में लाओ।”