दीपक चोपड़ा — 🌠 कार्य और सपना Quote
अपने सपनों को सीमित मत करो। जो तुम संभव समझते हो उससे परे सपने देखो। इसी तरह तुम बढ़ोगे।
“अपने सपनों को जो तुम पहले से जानते हो उस तक सीमित मत करो। जो तुम संभव समझते हो उससे परे जाओ।”

अपने सपनों को सीमित मत करो। जो तुम संभव समझते हो उससे परे सपने देखो। इसी तरह तुम बढ़ोगे।
