🌠 कार्य और सपना
“सपने कार्य की वास्तविकता में बदलते हैं। कार्यों से फिर सपना उत्पन्न होता है; और यह अंतर्निर्भरता जीवन का उच्चतम रूप बनाती है।”
अपने सपनों को कार्यों में बदलो। यह चक्र जीवन का सार है।
“सपने कार्य की वास्तविकता में बदलते हैं। कार्यों से फिर सपना उत्पन्न होता है; और यह अंतर्निर्भरता जीवन का उच्चतम रूप बनाती है।”
अपने सपनों को कार्यों में बदलो। यह चक्र जीवन का सार है।