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🧠 मन और आत्मा
“मनुष्य स्वतंत्र पैदा होता है, लेकिन हर जगह जंजीरों में जकड़ा होता है।”
समाज को अपनी ज़िंदगी तय न करने दें। जंजीरों से मुक्त होकर अपनी इच्छित जीवन जिएं।