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🧠 मन और आत्मा
“खुशी कोई तैयार वस्तु नहीं है। यह आपके अपने कार्यों से आती है।”
खुशी तैयार नहीं मिलती, इसे अपने कार्यों से बनाना होता है।
“खुशी कुछ तैयार नहीं है। यह आपके अपने कार्यों से आती है।”
— दलाई लामा
“प्रेम निर्णय की अनुपस्थिति है।”
“खुशी कोई तैयार की गई चीज़ नहीं है। यह आपके अपने कार्यों से आती है।”
“खुशी इस बात से निर्धारित नहीं होती कि आपके आस-पास क्या हो रहा है, बल्कि इस बात से होती है कि आपके अंदर क्या हो रहा है।”
“प्रेम और करुणा आवश्यकताएँ हैं, विलासिता नहीं। इनके बिना मानवता जीवित नहीं रह सकती।”
“यदि आप चाहते हैं कि अन्य लोग खुश रहें, तो करुणा का अभ्यास करें। यदि आप खुश रहना चाहते हैं, तो करुणा का अभ्यास करें।”