Confucius — 🧠 मन और आत्मा Quote
प्रगति, चाहे कितनी भी धीमी हो, फिर भी प्रगति है। मत रुको, आगे बढ़ते रहो।
“जब तक तुम रुकते नहीं, तब तक यह मायने नहीं रखता कि तुम कितनी धीमी गति से जाते हो।”

प्रगति, चाहे कितनी भी धीमी हो, फिर भी प्रगति है। मत रुको, आगे बढ़ते रहो।
