🧠 मन और आत्मा
“विचारों में विचित्र होने से डरो मत, क्योंकि अब स्वीकार किए गए हर विचार को एक बार विचित्र माना गया था।”
अलग होने से मत डरो। तुम्हारा अनोखा दृष्टिकोण मूल्यवान है।
“विचारों में विचित्र होने से डरो मत, क्योंकि अब स्वीकार किए गए हर विचार को एक बार विचित्र माना गया था।”
अलग होने से मत डरो। तुम्हारा अनोखा दृष्टिकोण मूल्यवान है।