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🧠 मन और आत्मा
“अस्तित्व सार से पहले आता है।”
हम पहले मौजूद होते हैं और फिर खुद को परिभाषित करते हैं। आइए हम अपनी खुद की अर्थवत्ता बनाएं और अपनी सार्थकता बनाएं।
“मनुष्य को स्वतंत्र होने के लिए निंदा की जाती है।”
— जीन-पॉल सार्त्र
“नरक अन्य लोग हैं।”
“करने का मतलब है होना।”
“मनुष्य स्वतंत्र होने के लिए अभिशप्त है; क्योंकि एक बार दुनिया में फेंक दिया जाता है, वह जो कुछ भी करता है उसके लिए जिम्मेदार होता है।”
“मैं सोचता हूँ, इसलिए मैं हूँ।”
— रेने डेसकार्टेस
“होना या न होना, यही सवाल है।”
— विलियम शेक्सपियर
— रेने डेस्कार्टेस
“मैं हूँ इसलिए मैं सोचता हूँ।”
— आइन रैंड
“मैं हूँ; इसलिए, मैं सोचता हूँ।”
— ऐन रैंड
“जीना दुनिया की सबसे दुर्लभ चीज़ है। अधिकांश लोग केवल अस्तित्व में रहते हैं, बस इतना ही।”
— ऑस्कर वाइल्ड
“होना करना है।”
— इमैनुअल कांट
“होना मतलब देखा जाना (Esse est percipi) है।”
— जॉर्ज बर्कले