जीन-पॉल सार्त्र — 🧠 मन और आत्मा Quote
हम पहले मौजूद होते हैं और फिर खुद को परिभाषित करते हैं। आइए हम अपनी खुद की अर्थवत्ता बनाएं और अपनी सार्थकता बनाएं।
“अस्तित्व सार से पहले आता है।”

हम पहले मौजूद होते हैं और फिर खुद को परिभाषित करते हैं। आइए हम अपनी खुद की अर्थवत्ता बनाएं और अपनी सार्थकता बनाएं।
