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🧠 मन और आत्मा
“कोई भी दो बार एक ही नदी में कदम नहीं रख सकता।”
परिवर्तन ही एकमात्र स्थायी चीज़ है। इसे विकास के अवसर के रूप में अपनाएं।
“परिवर्तन जीवन का नियम है। और जो केवल अतीत या वर्तमान की ओर देखते हैं, वे निश्चित रूप से भविष्य को खो देंगे।”
— जॉन एफ. कैनेडी
“प्रार्थना का काम भगवान को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि प्रार्थना करने वाले की प्रकृति को बदलना है।”
— सॉरेन कीर्केगार्ड
“अपने विचार बदलें और आप अपनी दुनिया बदलें।”
— नॉर्मन विंसेंट पील
“कोई भी एक ही नदी में दो बार कदम नहीं रख सकता।”
— हेराक्लीटस
“जीवन में स्थायी केवल परिवर्तन है।”
— हेरेक्लिटस
“जीवन में एकमात्र स्थिरता परिवर्तन है।”
— हेरेकलिटस
“जो प्रजातियाँ जीवित रहती हैं वे सबसे मजबूत नहीं होतीं, न ही सबसे बुद्धिमान होती हैं, बल्कि वे होती हैं जो परिवर्तन के प्रति सबसे संवेदनशील होती हैं।”
— चार्ल्स डार्विन
“पागलपन बार-बार वही काम करना और अलग परिणाम की उम्मीद करना है।”
— अल्बर्ट आइंस्टीन