🧠 मन और आत्मा
“जीवन में सबसे बड़ी महिमा कभी न गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठने में है।”
गिरना अंत नहीं है। महिमा हर बार उठने में है। उठते रहो!
“जीवन में सबसे बड़ी महिमा कभी न गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठने में है।”
गिरना अंत नहीं है। महिमा हर बार उठने में है। उठते रहो!