🧠 मन और आत्मा
“जो हो गया उसे बदला नहीं जा सकता, लेकिन इसे फिर से होने से रोका जा सकता है।”
अपनी गलतियों से सीखो। वे ठोकर नहीं, बल्कि कदम हैं।
“जो हो गया उसे बदला नहीं जा सकता, लेकिन इसे फिर से होने से रोका जा सकता है।”
अपनी गलतियों से सीखो। वे ठोकर नहीं, बल्कि कदम हैं।