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🧠 मन और आत्मा
“मैं हूँ इसलिए मैं सोचता हूँ।”
आपका अस्तित्व केवल सोच के बारे में नहीं है, यह अस्तित्व के बारे में है। अपने अस्तित्व के हर हिस्से को अपनाएं।