🧘 आत्म-सम्मान और आत्म-प्रेम
“सुरंग के अंत में प्रकाश की प्रतीक्षा न करें, वहां जाएं और खुद उस चीज़ को रोशन करें।”
चीजों के होने की प्रतीक्षा न करें। पहल करें, और अपने खुद के अवसर बनाएं।
“सुरंग के अंत में प्रकाश की प्रतीक्षा न करें, वहां जाएं और खुद उस चीज़ को रोशन करें।”
चीजों के होने की प्रतीक्षा न करें। पहल करें, और अपने खुद के अवसर बनाएं।