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🧘 आत्म-सम्मान और आत्म-प्रेम
“तुम जैसे हो वैसे ही पर्याप्त हो।”
तुम्हें किसी को अपनी कीमत साबित करने की जरूरत नहीं है। तुम जैसे हो वैसे ही पर्याप्त हो। अपनी कदर को अपनाओ।