🧘 आत्म-सम्मान और आत्म-प्रेम
“किसी अन्य व्यक्ति से श्रेष्ठ होना कोई महानता नहीं है। सच्ची महानता अपने पिछले स्वयं से श्रेष्ठ होने में है।”
कल से बेहतर बनने की कोशिश करो। यही सच्ची महानता है।
“किसी अन्य व्यक्ति से श्रेष्ठ होना कोई महानता नहीं है। सच्ची महानता अपने पिछले स्वयं से श्रेष्ठ होने में है।”
कल से बेहतर बनने की कोशिश करो। यही सच्ची महानता है।