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🧘 आत्म-सम्मान और आत्म-प्रेम
“आप आत्म-घृणा की भावना पर खुशी नहीं बना सकते।”
खुशी आत्म-घृणा से नहीं उत्पन्न हो सकती। आत्म-घृणा को छोड़ दें और खुशी को अपनाएं।
“आपकी समस्या यह है कि आप... अपनी अयोग्यता को थामे रखने में बहुत व्यस्त हैं।”
— राम दास