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🧘 आत्म-सम्मान और आत्म-प्रेम
“मैं सोचता हूँ, इसलिए मैं हूँ।”
आपके विचार आपके अस्तित्व का निर्माण करते हैं। इसलिए सुनिश्चित करें कि वे सकारात्मक और सशक्त हैं।
“मनुष्यों को सोचना सीखने की आवश्यकता है।”
— रेने डेसकार्टेस
“मनुष्य एक विचारशील प्रजाति है”
“संदेह ज्ञान की उत्पत्ति है।”
“अच्छी बुद्धि होना ही पर्याप्त नहीं है; मुख्य बात यह है कि इसका अच्छे से उपयोग किया जाए।”
“मैं सोचता हूं इसलिए मैं हूं।”