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🧘 आत्म-सम्मान और आत्म-प्रेम
खुद को बनने की हिम्मत रखो। समाज की अपेक्षाओं के अनुसार मत चलो। तुम साहसी हो।
“हमारे समाज में साहस के विपरीत कायरता नहीं, बल्कि अनुकूलता है।”