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🧘 आत्म-सम्मान और आत्म-प्रेम
“मुझे पसंद करना तुम्हारा काम नहीं है, यह मेरा है।”
तुम्हारा आत्म-प्रेम और स्वीकृति भीतर से आती है। दूसरों से अनुमोदन मत मांगो। खुद को वैसे ही प्यार और स्वीकार करो जैसे तुम हो।
“तुम्हारा काम मुझे पसंद करना नहीं है - यह मेरा है।”
— बायरन केटी