🏛️ जीवन और दर्शन
“आलोचना से बचने का केवल एक ही तरीका है: कुछ मत करो, कुछ मत कहो, और कुछ मत बनो।”
आलोचना जीवन का एक हिस्सा है। आओ आलोचना के डर से हमें हमारे सर्वश्रेष्ठ से रोकने न दें। करो, कहो, बनो - निर्भीक होकर।
“आलोचना से बचने का केवल एक ही तरीका है: कुछ मत करो, कुछ मत कहो, और कुछ मत बनो।”
आलोचना जीवन का एक हिस्सा है। आओ आलोचना के डर से हमें हमारे सर्वश्रेष्ठ से रोकने न दें। करो, कहो, बनो - निर्भीक होकर।