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🏛️ जीवन और दर्शन
“कोई भी एक ही नदी में दो बार कदम नहीं रख सकता।”
परिवर्तन जीवन का एक प्राकृतिक हिस्सा है। जैसे बहती हुई नदी, जीवन वैसा ही नहीं रहता।
“जीवन में स्थायी केवल परिवर्तन है।”
— हेरेक्लिटस
“एकमात्र स्थायी चीज़ परिवर्तन है।”
“जीवन में केवल परिवर्तन ही स्थिर है।”