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🔥 परिवर्तन और चुनौती
“आपका जीवन संयोग से बेहतर नहीं होता, यह परिवर्तन से बेहतर होता है।”
कार्रवाई करना बेहतर जीवन की दिशा में पहला कदम है। आइए हम वह परिवर्तन करें जो हम देखना चाहते हैं।
— जिम रॉन
“नेतृत्व की चुनौती है मजबूत होना, परंतु अशिष्ट नहीं होना; दयालु होना, परंतु कमजोर नहीं होना; साहसी होना, परंतु धौंस जमाने वाला नहीं होना; विचारशील होना, परंतु आलसी नहीं होना; विनम्र होना, परंतु भयभीत नहीं होना; गर्वित होना, परंतु अहंकारी नहीं होना; हास्य होना, परंतु मूर्खता नहीं होना।”
“नेतृत्व की चुनौती है कि मजबूत होना, लेकिन अशिष्ट नहीं; दयालु, लेकिन कमजोर नहीं; साहसी, लेकिन धौंसिया नहीं; विचारशील, लेकिन आलसी नहीं; विनम्र, लेकिन डरपोक नहीं; गर्वित, लेकिन अहंकारी नहीं; हास्य हो, लेकिन मूर्खता नहीं।”
“नेतृत्व की चुनौती यह है कि मजबूत बनें, पर अशिष्ट न हों; दयालु बनें, पर कमजोर न हों; साहसी बनें, पर धमकाने वाले न हों; विनम्र बनें, पर डरपोक न हों; गर्वित बनें, पर अभिमानी न हों; और हास्यपूर्ण बनें, पर मूर्खतापूर्ण नहीं।”
“नेतृत्व की चुनौती है कि मजबूत हों, लेकिन अशिष्ट नहीं; दयालु हों, लेकिन कमजोर नहीं; साहसी हों, लेकिन धमकाने वाले नहीं; विनम्र हों, लेकिन डरपोक नहीं; गर्वित हों, लेकिन अहंकारी नहीं; हास्य हो, लेकिन मूर्खता नहीं।”
“आप अपनी मंज़िल रातोंरात नहीं बदल सकते, लेकिन आप रातोंरात अपनी दिशा बदल सकते हैं।”