🧭 नेतृत्व और जिम्मेदारी
“नेतृत्व की चुनौती है कि मजबूत बनना, लेकिन असभ्य नहीं; दयालु बनना, लेकिन कमजोर नहीं; साहसी बनना, लेकिन गुंडा नहीं; विचारशील बनना, लेकिन आलसी नहीं।”
नेतृत्व की चुनौती है कि असभ्य बने बिना मजबूत, कमजोर बने बिना दयालु, गुंडा बने बिना साहसी बनना। चलो संतुलित नेतृत्व का अभ्यास करें।
