“जो बाहर देखता है, सपने देखता है; जो भीतर देखता है, जागता है।”

सच्ची जागरूकता आत्म-जागरूकता से आती है। भीतर देखो और अपनी संभावनाओं को जागृत करो।
Share:
“जो बाहर देखता है, सपने देखता है; जो भीतर देखता है, जागता है।”

सच्ची जागरूकता आत्म-जागरूकता से आती है। भीतर देखो और अपनी संभावनाओं को जागृत करो।