“लोग रंगीन काँच की खिड़कियों की तरह होते हैं। जब सूरज बाहर होता है, तो वे चमकते हैं, लेकिन जब अंधेरा होता है, तो उनकी असली सुंदरता तभी प्रकट होती है जब भीतर से प्रकाश होता है।”

आपकी आंतरिक रोशनी आपकी असली सुंदरता प्रकट करती है। अंधेरे में भी भीतर से चमकें।
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