“मैं कभी लोगों के कहने से डरती थी, 'वह खुद को क्या समझती है?' अब मेरे पास खड़े होने और कहने का साहस है, 'यह मैं हूँ।'”

खुद बनने का साहस रखें। आपकी पहचान आपकी ताकत है।
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“मैं कभी लोगों के कहने से डरती थी, 'वह खुद को क्या समझती है?' अब मेरे पास खड़े होने और कहने का साहस है, 'यह मैं हूँ।'”

खुद बनने का साहस रखें। आपकी पहचान आपकी ताकत है।