“मैं हमेशा अपनी ताकत और आत्मविश्वास के लिए बाहर देखती थी, लेकिन यह भीतर से आता है। यह हमेशा वहीं होता है।”

तुम्हारी ताकत और आत्मविश्वास तुम्हारे भीतर है। बाहरी स्रोतों से मान्यता मत मांगो।
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“मैं हमेशा अपनी ताकत और आत्मविश्वास के लिए बाहर देखती थी, लेकिन यह भीतर से आता है। यह हमेशा वहीं होता है।”

तुम्हारी ताकत और आत्मविश्वास तुम्हारे भीतर है। बाहरी स्रोतों से मान्यता मत मांगो।