“विज्ञान वह है जो आप जानते हैं। दर्शन वह है जो आप नहीं जानते।”

अज्ञात को अपनाएं। यह ज्ञान की शुरुआत है। सवाल पूछते रहें, सीखते रहें।
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“विज्ञान वह है जो आप जानते हैं। दर्शन वह है जो आप नहीं जानते।”

अज्ञात को अपनाएं। यह ज्ञान की शुरुआत है। सवाल पूछते रहें, सीखते रहें।