“मनुष्य स्वतंत्र पैदा होता है, लेकिन हर जगह जंजीरों में जकड़ा होता है।”

समाज को अपनी ज़िंदगी तय न करने दें। जंजीरों से मुक्त होकर अपनी इच्छित जीवन जिएं।
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“मनुष्य स्वतंत्र पैदा होता है, लेकिन हर जगह जंजीरों में जकड़ा होता है।”

समाज को अपनी ज़िंदगी तय न करने दें। जंजीरों से मुक्त होकर अपनी इच्छित जीवन जिएं।