“मन अपनी जगह है, और अपने भीतर ही नर्क को स्वर्ग और स्वर्ग को नर्क बना सकता है।”

आपका मन आपके वास्तविकता को आकार देने की शक्ति रखता है। इसे समझदारी से उपयोग करें।
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“मन अपनी जगह है, और अपने भीतर ही नर्क को स्वर्ग और स्वर्ग को नर्क बना सकता है।”

आपका मन आपके वास्तविकता को आकार देने की शक्ति रखता है। इसे समझदारी से उपयोग करें।