“जो व्यक्ति यह डरता है कि वह कष्ट उठाएगा, वह पहले से ही अपने डर से कष्ट उठाता है।”

चिंता एक आत्म-पूर्ति भविष्यवाणी हो सकती है। संभावित नकारात्मकता के बजाय सकारात्मकता पर ध्यान दें। वर्तमान में जिएं।
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“जो व्यक्ति यह डरता है कि वह कष्ट उठाएगा, वह पहले से ही अपने डर से कष्ट उठाता है।”

चिंता एक आत्म-पूर्ति भविष्यवाणी हो सकती है। संभावित नकारात्मकता के बजाय सकारात्मकता पर ध्यान दें। वर्तमान में जिएं।