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🧠 मन और आत्मा
“कोई भी दो बार एक ही नदी में कदम नहीं रख सकता।”
परिवर्तन ही एकमात्र स्थायी चीज़ है। इसे विकास के अवसर के रूप में अपनाएं।
“केवल स्थायी चीज़ परिवर्तन है।”
— हेरेक्लाइटस