“जो हो गया उसे बदला नहीं जा सकता, लेकिन इसे फिर से होने से रोका जा सकता है।”

अपनी गलतियों से सीखो। वे ठोकर नहीं, बल्कि कदम हैं।
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“जो हो गया उसे बदला नहीं जा सकता, लेकिन इसे फिर से होने से रोका जा सकता है।”

अपनी गलतियों से सीखो। वे ठोकर नहीं, बल्कि कदम हैं।