“भावनाएँ तेज़ हवा में बादलों की तरह आती और जाती हैं। सचेत श्वास मेरा लंगर है।”

भावनाएँ क्षणिक होती हैं, जैसे गुजरते हुए बादल। अपनी साँस पर ध्यान केंद्रित करो, यही तुम्हारी स्थिरता है। वर्तमान में जमे रहो।
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“भावनाएँ तेज़ हवा में बादलों की तरह आती और जाती हैं। सचेत श्वास मेरा लंगर है।”

भावनाएँ क्षणिक होती हैं, जैसे गुजरते हुए बादल। अपनी साँस पर ध्यान केंद्रित करो, यही तुम्हारी स्थिरता है। वर्तमान में जमे रहो।