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📚 अध्ययन और विकास
“मनुष्य एक सोचने वाला जानवर है।”
सोचना मानव का सार है। अपने विचारों को संजोएं और उनके माध्यम से बढ़ें।
“दिल के अपने कारण होते हैं जिनकी जानकारी कारण को नहीं होती।”
— ब्लेज़ पास्कल
“दिल के पास ऐसे कारण हैं जिन्हें तर्क नहीं समझता।”
“दिल के पास अपनी वजहें होती हैं जिन्हें कारण नहीं जानता।”