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📚 अध्ययन और विकास
“अपने आप को जानो।”
स्वयं को समझना विकास की नींव है। केवल अपनी ताकत और कमजोरियों को जानकर ही सच्चा विकास हो सकता है।
“मैं नहीं सोचता कि मुझे जो पता है, वो मैं जानता हूँ।”
— सुकरात
“मैं नहीं सोचता कि मैं जानता हूँ जो मैं जानता हूँ।”
“अज्ञानता एक बुराई है।”
“ज्ञान का अर्थ है यह जानना कि आप जानते हैं।”